मप्र बजट; खजाना खाली, फिर भी जनता पर कोई नया भार नहीं

इतिहास बताता है कि, भारत की राजशाही रही हो या अंग्रेजों की दासता का समय, सरकार की आर्थिक जरूरतों की पूर्ति हमेशा जनता से की जाती रही है। इसके लिए उस पर समय – समय पर, नए – नए कर थोपे जाते रहे हैं। लेकिन ऐसा शायद पहली बार सामने आया है कि, सरकार का खजाना खाली हो, उसकी जरूरतें पूरी होना कठिन हो लेकिन वह अपनी जनता पर कोई बोझ न डालना चाहे।

यह गजब भारत के मध्यप्रदेश में सामने आया है। बुधवार को राज्य के वित्तमंत्री तरुण भनोत ने विधान सभा में अपना पहला आचार्य कौटिल्य की याद करते हुए किया। तरुण भनोट ने कहा कि मुझे इस बजट को पढ़ते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सरकार ने कम समय में ही प्रदेश की जनता के लिए काम किया। इस बीच आचार संहिता भी रही है, जिसमें हमने 128 दिनों में किसानों का कर्जा माफ, बिजली का बिल माफ किया और युवाओं के लिए काम किया।

उन्होंने कहा- यह सरकार घोषणावीर न होकर कर्मवीर है। इस बार बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि बढ़ाई गई है। उद्योगों में युवाओं की भागीदारी होगी।

सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का मान बढ़ रहा है। आज के हर वादे को सरकार अमल में लाएगी। बजट से पहले ही सदन में महंगाई का मुद्दा उठा। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने टैक्सेशन का मुद्दा उठाया, जिस पर सीएम कमलनाथ और सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने इसका जवाब दिया।

वित्तमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने कहा था कि हम तो खजाना खाली करके दे गए हैं, लेकिन इस बीच हमने राजस्व के नए स्त्रोतों को तलाशा। हर वर्ग को हमने कुछ न कुछ देने की कोशिश की है।

युवा, किसान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हमार लक्ष्य है। केंद्र सरकार ने एमपी के साथ विश्वासघात किया है, बजट में 2700 करोड की कटौती की गई है। हमारी सरकार को इसकी भरपाई के लिए कदम उठाने होंगे।

वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रसिद्ध खाद्य सामग्री जलेबी, बर्फी, लड्डू, मावा बाटी और नमकीन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाएगी। सरकार नई एमएसएमई यूनिट शुरू कर रही है, इसके लिए 17 हजार लोगों को ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। उन्नत खेती के लिए सरकार किसानों को ट्रेनिंग देगी।

हमने किसानों के बिजली बिल माफ कर दिए हैं। किसानों की कर्जमाफी के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। किसानों के लिए कृषण बंधु योजना लागू की जाएगी। फूड प्रोसेसिंग पर सरकार का स्पेशल फोकस है। बागवानी और प्रसंस्करण के लिए 400 करोड़ का प्रावधान है। महिलाओं के लिए ई-रिक्शा योजना शुरू की जाएगी।

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