तो ये है मुम्बई की पत्रकार निकिता पर हमले का सच

सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर खबर सच नहीं होती, यह एक बार फिर साबित हो गया है। फेसबुक सहित कई सोशल साइट्स पर एक जख्मी महिला की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे मुंबई की वरिष्ठ पत्रकार नितिका राव बताया जा रहा है। फोटो में नजर आ रही महिला नितिका ही हैं, लेकिन उनके बारे में जो बातें कहीं गई हैं, उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं।

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि नितिका एयरफोर्स के गायब एयरक्राफ्ट के विषय में सरकार से सवाल पूछने की गलती कर बैठीं, जिसके चलते उन पर प्राणघातक हमला हुआ जबकि हकीकत कुछ और ही है। एस4एम की खबर के मुताबिक बूमलाइव नामक वेबसाइट ने जब इस बारे में नितिका राव से बात की तो पूरा मामला ही पलट गया। नितिका ने सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावों को सिरे से खारिज कर दिया।

नितिका ने बताया कि उन पर हमला सरकार से सवाल पूछने के चलते नहीं, बल्कि एक बिल्डर के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से हुआ। दरअसल, नितिका ठाणे जिले के कल्याण में किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ रही हैं, जिस वजह से एक स्थानीय बिल्डर उनसे नाराज था और हमला उसी नाराजगी का परिणाम है।

बूम से बातचीत में नितिका राव ने कहा कि उन पर हुए हमले का सरकार से सवाल पूछने से कोई रिश्ता नहीं है। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में किसानों के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं, बतौर पत्रकार नहीं। इसलिए जो कुछ हुआ, उसके लिए बिल्डर जिम्मेदार है, कोई और नहीं।

9 जून से सोशल मीडिया पर घायल नितिका की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। कहा जा रहा है कि सरकार से सवाल पूछने के चलते राइट विंग कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की। कई लोगों ने तो इसके लिए भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग तक कर डाली। इतना ही नहीं पंजाब एवं चंडीगढ़ पत्रकार संघ द्वारा भी नितिका से संबंधित फेसबुक पोस्ट की निंदा की गई। अब जब हकीकत सामने है, तो सभी खामोश हैं।

कुछ सोशल साइट्स से नितिका से जुड़ी पोस्ट भी हटा दी गई है। नितिका राव फ्रीलांस पत्रकार हैं और किसानों के अधिकारों के लिए भी काम करती हैं। इस खबर से एक बार फिर यह सीख मिलती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वालीं ख़बरों पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। साभार : s4m

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  2. सोशल मीडिया पर ज्यादातर बकवास चलती है

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