पुलिस हिरासत में मौत; SIT प्रभारी सहित 8 पुलिस वालों पर FIR, ढाई साल पहले का है मामला

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में पुलिस हिरासत में ढाई साल पहले हुई एक मौत के मामले में तत्कालीन विशेष जांच दल (एसआईटी) प्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ  गैर इरादतन हत्या का केश दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई न्यायिक जांच रिपोर्ट आने के बाद की गई है।

लम्बी जांच के बाद आयी रिपोर्ट के आधार पर तत्कालिन स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम {एसआईटी} के प्रभारी एएसआई कृष्ण कुमार ध्रुव, प्रधान आरक्षक चक्रधर राठौर, प्रशांत सिंह, आरएस सिंह, आरक्षक जीआर सिन्हा, आरके पांडेय, गोपाल और चन्द्रशेखर ध्रुव के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

यह है पूरा मामला :
साल-2016 में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत हो गई थी, इसकी निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक कमेटी गठन की गई जांच रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई है घटना 24 दिसम्बर साल-2016 की है।

मानिकपुर पुलिस जब शब्बीर देवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो  डॉक्टर ने शब्बीर को मृत घोषित कर दिया मृतक के परिजन ने पुलिस हिरासत में मारपीट से मौत का आरोप लगाया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 03 डॉक्टरों की टीम ने शब्बीर देवार का पोस्टमार्टम किया पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट फेल बताया गया था।

मौत के बाद की गयी थी न्यायिक जांच की मांग :
युवक शब्बीर के मौत के बाद परिजनों ने तत्कालीन एसपी से गुहार लगाई की इसकी न्यायिक जांच की जानी चाहिए मौजूदा एसपी डी श्रवण ने मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिये उन्होंने यह भी बताया था कि मृतक आदतन अपराधी था और उस पर दीपका थाने में चोरी के कई मामले दर्ज थे।

आरोपी को एसआईटी ने 03 अन्य के साथ एक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया था पुलिस ने उससे मारपीट नहीं की थी अब मामले में अपनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस मीडिया से कुछ भी कहने से बच रही है।

News Reporter
इस वेबसाइट के लगभग सभी आलेख व खबरें Dailyhunt, Google News, NewsDog, NewsPoint एवं UC News पर भी उपलब्ध हैं. ज्यादातर चित्र सांकेतिक रहते हैं तथा इंटरनेट के उपयोग किए जाते हैं, इसलिए किसी कॉपीराइट का दावा नहीं है. सम्पर्क: Mob : 91-9993069079 WhatsApp : 91-7974827087 E-Mail : rapaznewsco@gmail.com

1 thought on “पुलिस हिरासत में मौत; SIT प्रभारी सहित 8 पुलिस वालों पर FIR, ढाई साल पहले का है मामला

  1. loading...

Comments are closed.

loading...
loading...
Join Group