मुझे पिस्तौल दे दो, उन पुलिस वालों को मार दूंगी; जानिये मंदसौर कांड की विधवा का दर्द


मंदसौर . पिछले साल शिवराज सरकार के दौरान हुए किसान आंदोलन के दौरान मारे गए बड़वन के घनश्याम धाकड़ की पत्नी रेखा धाकड़ आज भी समझ न पा रही है- ‘लोग न्याय मांगने कानून के पास जाते हैं और हमारे साथ तो कानून का पालन करने वालों ने ही अन्याय किया है। आज तक वह निलंबित भी नहीं किए है। मालूम हो कि, घनश्याम धाकड़ की मौत दलौदा चौकी में पुलिस की पिटाई से होने की खबर सुर्खियां बनी थी।

वह कहती है कि ऐसा ही है तो मुझे पिस्तौल दो, मैं उन्ही पुलिस वालों को मारती हूं, फिर क्या वह मुझे भी ऐसे ही घूमने देंगे या बंद कर देंगे। करीब करीब दो साल की मासूम बेटी और छह साल के बेटे रुद्र के साथ घर में बैठी रेखा ने बताया कि यह दो साल कैसे निकले हैं हम ही जानते हैं। सरकार ने रुपए दे दिए पर इससे ज्यादा रुपए तो किसान वैसे ही कमा लेता है।

रूंधे हुए गले से रेखा ने कहा कि मेरे पति जिंदा होते तो शाम को घर आकर बेटे के हाल-चाल पूछते इसे प्यार करते। आज मेरे दोनों बच्चों को पिता का प्यार ही नहीं मिल रहा है। पिता की बात अलग होती है। मासूम बेटी ने तो पिता का चेहरा ही ठीक से नहीं देखा। इधर प्रशासन पति की मौत की जांच इतनी धीमी गति से कर रह है की अगला जनम भी गुजर जायेगा।

तत्काल ताजा खबरों के लिए हमें फॉलो या Allow करें अथवा लाल घंटी बजाकर Subscribe करें. / यह न्यूज कैसी लगी, नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय भी दें, आपका ईमेल शो नहीं किया जावेगा.

1 Comment

  1. loading...

Comments are closed.

loading...