खतरनाक निपाह की दस्तक; केरल के बाद अब राजस्थान में भी जारी हुआ अलर्ट

कोच्चि: कॉलेज में पढ़ने वाले एक 23 वर्षीय छात्र की वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि से पता चलता है कि, खतरनाक वायरस ‘निपाह’ ने दोबारा केरल में दस्तक दे दी है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के के. शैलजा ने बताया कि निपाह विषाणु की चपेट में आने वाले कॉलेज छात्र की हालत स्थिर बानी हुई है।

जबकि निगरानी में रखे गए 5 अन्य की स्थिति में सुधार हो रहा है, जिनके जांच परिणाम गुरुवार शाम तक आने की उम्मीद है। इसके अलावा विभिन्न जिलों से छात्र के संपर्क में रहे 311 लोगों पर स्वास्थ्य विभाग निगरानी रख रहा है। वहीं राजस्थान में चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। सभी जिलों के सी.एम.एच.ओ. को भी सचेत कर दिया है।


मनुष्य ने चमगादड़ों के निवास स्थान को नष्ट कर दिया है। चमगादड़ तनावग्रस्त हो जाते हैं और भूखे रहते हैं। उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। वायरस का भार बढ़ जाता है और यह मूत्र और लार से बाहर आता है, इससे वायरस फैलता है।

यह वायरस जानवरों और फिर मनुष्यों में फैलता है। जिसका अभी तक कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। इस संक्रमण के लिए सिर्फ लक्षणों और सपोर्टिव केयर को ध्यान में रखकर ही उपचार किया जाता है, हालांकि रिबाविरिन नाम का एक एंटी वायरल कुछ मामलों में सहायक हुआ है।

यहां से हुई उत्पत्ति

निपाह वायरस 1998 में मलेशिया के एक गांव में कम्पुंग सुंगई निपाह में सामने आया था। इसी गांव के नाम पर वायरस का नाम रखा गया। इसका प्रकोप आमतौर पर दिसंबर से मई के दौरान फैलता है और इसका संक्रमण काल 6 से 21 दिनों तक का होता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इंसानों को चमगादड़ प्रभावित क्षेत्रों में धकेलने के कारण बीमारी सामने आई है।

तत्काल ताजा खबरों के लिए हमें फॉलो या Allow करें अथवा लाल घंटी बजाकर Subscribe करें. / यह न्यूज कैसी लगी, नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय भी दें, आपका ईमेल शो नहीं किया जावेगा.

1 Comment

  1. loading...

Comments are closed.

loading...