प्रो के रत्नम म प्र से पहले आई सी एच आर के सदस्य सचिव बने

ग्वालियर / नई दिल्ली . मध्य प्रदेश के प्रोफ़ेसर के रत्नम ने गत दिवस मानव संसाधन विकास, भारत सरकार की स्वशासी संस्था भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) में देश के प्रथम सदस्य सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया ।

प्रो  रत्नम ने मेरठ विश्वविद्यालय में सत्र 1987 इतिहास विषय में एम फिल तथा 1990 में प्रो के के शर्मा के मार्गदर्शन में पीएचडी उपाधि प्राप्त करने के उपरांत कानपुर विश्वविद्यालय से सबसे कम उम्र में डी लिट् की उपाधि प्राप्त की है।

प्रो रतनम पूर्व में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में इतिहास अध्ययन मंडल के अध्यक्ष तथा विश्वविधलय अनुदान आयोग एवं भारत के महामहिम राष्ट्रपति तथा राज्यपाल के प्रतिनिधि के रूप में विभिन्न समितियों के सदस्य रहे हैं।

प्रो रतनम 2015 से 2019 तक आई सी एच आर के सदस्य भी रहे है । प्रो रतनम के मार्गदर्शन में चार दर्जन से अधिक शोध छात्रों ने  पीएचडी तथा एम फिल उपाधि प्राप्त की है तथा 100 से अधिक शोध पत्र एवं आलेख प्रकाशित के साथ साथ राष्ट्रीय तथा आंतरराष्ट्रीय शोध संघोष्टियो में अध्यक्षता तथा सहभागिता की है ।

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