क्या आग केवल कोचिंंग सेन्टर पर ही लगेगी ?

गत 24 मई शुक्रवार को गुजरात के सूरत शहर के सरथाणा जकातनाका स्थित तक्षशिला आर्केड बिल्डिंग में भंयकर आग लग गई। इस आग ने देखते-देखते   बिल्डिंग में मौजुद एक कला कोचिंग संस्थान के लगभग 23 बच्चों को निगल लिया। इनमें कुछ बच्चे तो जिनकी उम्र महज 16 से 22 वर्ष के बीच थी, आग में जल कर अपनी जिन्दगियों से हाथ धो बैठे जबकि कुछ बच्चे अपनी जान बचाने के लिए कोचिंग संस्थान की चौथी मंजिल से कूंदते हुये मौत के मूंह में जा गिरे।

इतना खौफनाक और दिलों को दहलाने वाला दृश्य वहां पैदा हो गया था।  जैसा की अक्सर होता है कि इस भयावाह और जानलेवा अग्नि कांड के बाद सरकार और प्रशासन सोते से जागे और हरकत में आ गये ।

इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही शुरु कर और तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर दाखिल-ऐ-हवालात भी कर दिया। जैसा कि इस देश का मिजाज भी है कि अक्सर सरकार, प्रशासन और आम जनमानस भी आग लगने पर ही कूआ खोदते हैं।

कोचिंग सेंटर में आग से 17 छात्रों की मौत, बढ़ सकती है संख्या

बहरहाल इस घटना को मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने काफी गंभीरता से लिया और तत्काल आदेश जारी किये कि प्रदेश के सभी जिलों के क्लेक्टर प्रदेश में चल रहे कोचिंग संस्थानों को सूचीबद्ध कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संचालकों की बैठक आयोजित कर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के आवश्यक मापदंड तय करे और मुझे 15 दिनों में आवश्यक रुप से रिपोर्ट करें।

होटल में आग से केवल भारतीय मरे थे विदेशी नहीं, जानिए क्यों

इस आदेश को मुरैना जिला प्रशासन ने हाथों-हाथ लिया और कोचिंग संस्थान के संचालकों के साथ बिना कोई बैठक आयोजित किए ही मनमाना तौर पर कोचिंग संस्थानों को सील्ड करना शुरु कर दिया। इससे बच्चों को शिक्षित कर राष्ट्र का निर्माण कर रहे कोचिंग शिक्षकों में और कोचिंग में पढ़ रहे हजारों बच्चों में हड़कम्प मच गया चारो तरफ अफरा-तफरी का आलम पैदा होगा था। वे समझ नहीं पा रहे थे कि ये क्या हो रहा है? न कोई अपील और न ही कोई दलील व बिना किसी सूचना और नोटीश के सीधे सील्ड।

इसके बाद दो दिनों तक चुप रहकर और आपस में सोच-विचार के बाद कोचिंग संस्थानों के संचालक और बहुत से छात्र सड़क पर उतरे गये। तीन दिन हड़ताल रही तब कहीं जाकर विधायक गिर्राज डण्डोतिया और रघुराज सिंह के हस्तक्षेप के बाद जिला कलेक्टर और संचालकों के बीच बैठक हुई उसमें बातचीत कर मामले को सुलझा लिया गया।

इस बैठक का नतीजा यह रहा कि, जिला कलेक्टर द्वारा सभी कोचिंग संस्थानों को 15 दिन के अन्दर छात्रों को अपने-अपने संस्थानों में सुरक्षा और सुविधाओं के बदोंबस्त करने के आदेश जारी किये हैं, जो वाजिब भी हैं।

सूरत हादसा; एमपी सरकार सतर्क, कमलनाथ ने दिए सुरक्षा सम्बंधी निर्देश

मगर मुख्यमंत्री कमलनाथ और जिला कलेक्टर को इस दिशा को भी ध्यान में रखना चाहिए कि आग क्या केवल कोचिंंग संस्थानों में ही लगेगी? क्योंकि आग सूरत में भी जिस कोचिंग संस्थान लगी वो भी एक भवन ही था। इसलिए पूरे प्रदेश में जिन बिल्डिगों और भवनों में कोचिंग, कार्यालय, और कारोबारी संस्थान चल रहे हैं, जहां सैकड़ों लोगो का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है, उन भवनों में भी सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। (लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं, ये उनके निजी विचार हैं)

— श्रीगोपाल गुप्ता

तत्काल ताजा खबरों के लिए हमें फॉलो या Allow करें अथवा लाल घंटी बजाकर Subscribe करें. / यह न्यूज कैसी लगी, नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय भी दें, आपका नाम, नम्बर, ईमेल शो नहीं किया जावेगा.

loading...
News Reporter
इस वेबसाइट के लगभग सभी आलेख व खबरें Dailyhunt, Google News, NewsDog, NewsPoint एवं UC News पर भी उपलब्ध हैं. ज्यादातर चित्र सांकेतिक रहते हैं तथा इंटरनेट के उपयोग किए जाते हैं, इसलिए किसी कॉपीराइट का दावा नहीं है. सम्पर्क: Mob : 91-9993069079 WhatsApp : 91-7974827087 E-Mail : rapaznewsco@gmail.com
loading...
loading...
Join Group