सिपहसालार ने ही ध्वस्त कर दिया महाराज का किला

ग्वालियर. यह पहली बार है जब अपने अजेय गढ़ गुना से सिंधिया परिवार को हार का सामना करना पड़ा है। गुना संसदीय क्षेत्र से भाजपा के केपी यादव ने सबा लाख से भी ज्यादा के भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। जबकि, मतगणना के पहले तक कई भाजपाई भी सिंधिया को अपराजेय समझ रहे थे।

उल्लेखनीय है कि, गुना और ग्वालियर संसदीय क्षेत्र सिंधिया परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। यह भी माना जाता है कि, इन दो लोकसभा क्षेत्रों में लोकसभा हो या विधान सभा दोनों में वही जीत पाता है जिसकी तरफ सिंधिया परिवार का झुकाव हो, हालांकि यह कई बार गलत साबित हो चुका है।

इस चुनाव की खास बात यह रही कि, ज्योतिरादित्य सिंधिया को मात देने वाले केपी यादव की गिनती कभी सिंधिया के ख़ास सिपहसलारें में की जाती थी। यादव ने शायद पहले कभी स्वयम को सिंधिया परिवार के किसी भी सदस्य के सामने या बराबर भी नहीं समझा होगा और आज अचानक वह इस परिवार से ऊपर जा पहुंचे। उनके आगे सिंधिया बौने साबित हो गए।

मालूम हो कि, ज्योतिरादित्य के इशारों पर राजनीति करने वाले यादव को जब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिली तो वह सिंधिया व कांग्रेस को छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा से टिकट मिला, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद पार्टी ने लोकसभा में उनको ही सिंधिया के सामने खड़ा कर दिया। परिणाम अप्रत्याशित रहा। कभी सिपहसालार रहे यादव ने अपने ही ‘महाराजा’ ज्योतिरादित्य सिंधिया का किला ध्वस्त कर दिया।

तीन पीढ़ियों से गुना सीट पर सिंधिया परिवार का कब्जा

मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट पर तीन पीढ़ियों से सिंधिया घराने का कब्जा रहा है। ग्वालियर के बाद गुना ही वह लोकसभा सीट है, जहां से सिंधिया परिवार चुनाव लड़ना पसंद करता है। इस सीट से सांसद ज्योतिरादित्य की दादी विजयराजे सिंधिया और पिता माधवराव सिंधिया ने निर्दलीय चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। दादी ने पहले कांग्रेस, फिर निर्दलीय और बाद में जनसंघ, जपा – भाजपा से भी जीत दर्ज की थी।

खास बात यह कि, पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भी गुना सीट से ज्योतिरादित्य ने भाजपा नेता और प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को एक लाख 20 हजार 792 वोटों से शिकस्त दी थी। यही नहीं माधवराव सिंधिया ने बीच में अलग पार्टी ‘विकास कांग्रेस’ बनाकर भी किला कायम रखा था।

सिंधिया घराने के गढ़ में भाजपा ने कई बार सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन विजयाराजे सिंधिया के बाद से भाजपा को यहां पर कोई ऐसा उम्मीदवार नहीं मिला, जो माधवराव सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया को हरा सके। सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियों को गुना लोकसभा सीट से 14 बार सांसद के तौर जनता ने चुनकर भेजा है। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयाराजे सिंधिया छह बार गुना से सांसद रहीं, तो उनके पिता माधवराव चार बार चुने गए थे। ज्योतिरादित्य ने भी चौथी बार गुना लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

मित्रों, वाट्सएप पर खबरें खबरें पढ़ने के लिए स्क्रीन पर दिख रहे वाट्सएप के निशान पर क्लिक करें. अगर तत्काल ताजा खबरें चाहें तो फॉलो करें या लाल घंटी बजाकर Subscribe करें. आप हमारा नम्बर 9993069079 अपने वाट्सएप ग्रुप में भी जोड़ सकते हैं. नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय भी दे सकते हैं, आपका नाम, नम्बर, ईमेल शो नहीं किया जावेगा. यह सब बिलकुल मुफ्त है.

11 Comments

  1. loading...
  2. I’m not sure where you are getting your information, but great topic.
    I needs to spend some time learning much more or understanding more.
    Thanks for great information I was looking for this info for my mission.

  3. Greetings from Florida! I’m bored to death at work so I decided to browse your site on my iphone during lunch break.
    I really like the knowledge you provide here and can’t wait to take a look when I get home.
    I’m surprised at how quick your blog loaded on my mobile ..
    I’m not even using WIFI, just 3G .. Anyways, excellent blog!

2 Trackbacks / Pingbacks

  1. महारानी ने किया था अपमान, सिपहसालार ने ऐसे तोड़ा गरूर – rapaz news
  2. महारानी ने किया था अपमान, सिपहसालार ने ऐसे तोड़ा गरूर -

Comments are closed.

loading...