पैसे निकालने पहुंची मधु, क्लर्क ले गया केबिन में, जब पुलिस पहुंची तो खुला ऐसा राज

ग्वालियर. कैलाश टाकीज के पास रहने वाली मधु मांझी (पुत्री सुरेश मांझी) का पास ही घर से कुछ दूरी पर ही पीएनबी की राम मंदिर शाखा में खाता है. एटीएम कार्ड से पैसे निकालने में परेशानी हुई तो वह शुक्रवार को बैंक पहुंची. बैंक में समस्या बताई, क्लर्क ने पहले तो उसका खाता (सं 029100010030057) चैक किया, फिर उसे बैंक मैंनेजर के रूम में ले गया.

बैंक मैंनेजर ने मधु को बैठाया, बैंक की एक महिला कर्मचारी ने भी उससे बातें की, तभी वहां पुलिस जा पहुंची. इंदरगंज थाने से पहुंची पुलिस ने जब मधु का बैग खोला तो 2 मोबाइल के साथ साथ 10 सिनकार्ड और 5 एटीएम कार्ड भी मिले. इन चीजों से मधु पुलिस की नजर में भी संदिग्ध हो गई. बैंक वालों ने संदेह के कारण ही उसे बातों में उलझाकर पुलिस को खबर की थी. दरअसल, जब क्लर्क ने मधु का अकाउंट देखा तो पता चला कि, उसका अकाउंट संदेह के आधार पर बैंक ने फ्रीज कर रखा है.

बताया गया है कि, अकाउंट तब फ्रीज होता है जब उसमें संदेहजनक रूप या माध्यम से लेन देन नजर आता है. यह बात सामने आते ही क्लर्क ने सतर्कता का परिचय देते हुए मैंनेजर को जानकारी दी, तब मैंनेजर यूएस दैया ने मधु को बातों में उलझाकर पुलिस बुला ली.

मधु ने पुलिस के हत्थे लगते ही एक ऐसे संगठित गिरोह की जानकारी दी जो पूरे भारत में मैट्रिमोनियल एजेंसी की आड़ में लॉटरी आदि का ठगी का धंधा कर रहा था. मधु ने बताया कि, इस एजेंसी की संचालक गोविंदपुरी निवासी किरण गुर्जर ने 25 नवम्बर 2017 को उसका यह खाता खुलवाया था, इसमें केवल ठगी गई रकम ही जमा होती थी. तब से 15 मार्च 2019 को अकाउंट फ्रीज होने तक इसमें करीब 8 लाख रुपए आ चुके थे. रकम आने पर मधु को हमेशा तयशुदा कमीशन मिलता था.

मधु से मिली यह जानकारी केवल एक बैंक खाते की है, उसके पास पांच एटीएम कार्ड और मिले हैं, जिनकी पड़ताल अभी बाकी है. इसी तरह गिरोह के अन्य सदस्यों के खातों की भी पड़ताल होना है. यह भी पता करना होगा कि, ठगी के कौन कौन से तरीके यह गिरोह अपना रहा था.

मधु के हाथ लगते ही पुलिस ने किरण गुर्जर सहित उसके दो अन्य साथी भी गिरफ्तार कर लिए. गिरोह का मास्टरमाइंड छग राजधानी रायपुर में रहता है, उसकी गिरफ्तारी के लिए ग्वालियर पुलिस ने रायपुर पुलिस से सहयोग मांगा है.

पता चला है कि, गिरोह लॉटरी के अलावा केवायसी अपडेट करने, आधार लिंक करने आदि का झांसा देकर भी लोगों को ठग रहा था. एमपी सीजी में रहते हुए बिहार झारखंड के सिमकार्ड उपयोग कर रहा था ताकि, पुलिस गुमराह होती रहे.

गोंडा यूपी के रहने वाले एक रिटायर्ड कैप्टन विजय कुमार से लॉटरी के नाम पर 3.15 लाख की ठगी की थी. यह रकम कैप्टन ने मधु के खाते में किश्तों में जमा की थी. उन्होंने ठगी का अहसास होने पर यूपी पुलिस को बताया, पुलिस ने बैंक को जानकारी दी, तब बैंक ने 17 मार्च 2019 को खाता फ्रीज कर दिया. लेकिन इससे ज्यादा सक्रियता किसी ने न दिखाई, न यूपी पुलिस ने, न खुद पीड़ित कैप्टन ने अन्यथा गिरोह मार्च में भी पकड़ा जा सकता था.

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