ATM तोड़ने की कोशिश करने पर मर्चेंट नेवी जवान पकड़ा

ग्वालियर। यू-ट्यूब से एटीएम मशीन तोडना सीखकर एक मर्चेन्ट नेवी जवान एटीएम तोडऩे जा पहुंचा। वह वारदात में सफल हो पाता, उससे पहले ही रात्रि गश्त में निकली पुलिस की मोबाइल वैन का सायरन सुनकर घबरा गया और वहां से भागकर पास ही स्थित अस्पताल में अटेण्डरों के बीच जा छिपा।

वारदात का पता चलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। कोतवाली पुलिस के जवानों ने आरोपी को अस्पताल में सर्चिंग के दौरान दबोच लिया। वारदात कंपू थाना क्षेत्र स्थित एसबीआई एटीएम बूथ की है। आरोपी के पकड़े जाने का पता चलते ही पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और पूछताछ शुरू कर दी है। 


कोतवाली थाना प्रभारी अजय चानना के मुताबिक कंपू रोड स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ पर रात को एक युवक ने एटीएम मशीन तोडने का प्रयास किया। वह वारदात में सफल होता उससे पहले ही पुलिस का वाहन वहां से गुजरा तो युवक घबरा गया और वहां से भाग निकला। पुलिस से बचने के लिए वह कमलाराजा अस्पताल पहुंचा और वहां सो रहे अटैण्डरों के बीच जाकर लेट गया। दूसरी तरफ शहर भर की पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई।

आरोपी की तलाश के दौरान कोतवाली थाने में पदस्थ पूरन सिंह, नरेन्द्र सिंह और उमेश उपाध्याय और अनिल तिवारी ने उसे दबोच लिया। आरोपी को पकडक़र थाने लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम संदीप परिहार पुत्र मातादीन परिहार निवासी नादरिया की माता गुढ़ा-गुढ़ी का नाका बताया, साथ ही बताया कि वह मर्चेन्ट नेवी में पदस्थ है, जबकि उसके पिता रिटायर्ड आर्मी जवान है।


श्री चानना ने बताया कि वारदात का पता उस समय चला जब एटीएम बूथ की सुरक्षा की मॉनीटरिंग करने वाली कंपनी सिक्योर के कर्मचारियों ने मुम्बई में सीसीटीवी कंट्रोलरूम कार्यालय में तोडफ़ोड़ की घटना देखी तो इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम और एसपी नवनीत भसीन को दी।

घटना का पता चलते ही एसपी ने कंपनी से आरोपी के सीसीटीवी फुटेज लिए और कंट्रोल में पदस्थ रामकुमार मिश्रा और भागीरथ प्रसाद की मदद से गश्त में निकले अफसरों को भेजे, साथ ही गश्त कर रहे पुलिस जवानों और अफसरों से लॉकिंग प्लान के तहत घेराबंदी कराई। आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस जवानों को रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड सहित अस्पतालों और निजी नर्सिगहोम भेजा गया। 


पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे जियो का टॉवर लगवाना था। इसके लिए चालीस हजार रुपए की जरूरत थी। जरूरत पूरी करने के लिए यू-ट्यूब पर एटीएम तोडऩे का तरीका सीखा। वह वारदात में सफल होता उससे पहले ही पुलिस आ गई और उसे वहां से भागना पड़ा। पुलिस को आरोपी के पास से कटर, प्लास, पेचकस तथा अन्य एटीएम तोडऩे का सामान मिला है।


पैसे की जरूर के चलते रात को एडीएम से चोरी करने का तरीका उसने यूट्यूब पर सर्च करना शुरू कर किया। और मशीन खोलना सीखने के बाद रात को पेचकस और अन्य औजार लेकर एटीएम मशीन खोल ली, लेकिन पुलिस की गाडिय़ों की आवाजाही होने से वह वारदात में सफल नहीं हो सका।


संदीप का परिवार मूलत: भिंड लहार (भिंड) का रहने वाला है। कई साल पहले वे उज्जैन रहने चले गए थे। उसके चाचा पुलिस में दरोगा हैं और पिता फौज से रिटायर हो चुके हैं। वह और उसका भाई मर्चेन्ट नेवी में अडानी के शिप पर काम करता है। अबी जनवरी में वह छुट्टी लेकर आया है।

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