मायावती ने खुद को बताया भगवान राम के समान, शिकायत पहुंची कोर्ट

नई दिल्ली. चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए 48 घंटे के बैन के बाद अब मायावती के सामने एक और नई परेशानी खड़ी हो गई। ऑल इंडिया रैगर महासभा ने दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में मायावती के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है जिसमें बताया है कि कि मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अपनी तुलना भगवान श्री राम से की है। हलफनामे में मायावती ने कहा है कि- अगर राम की मूर्ति सरकारी पैसे से लग सकती है तो उनकी क्यों नहीं?

उल्लेखनीय है कि, बहुजन समाज पार्टी की चीफ मायावती ने मूर्तियों पर पैसे खर्च करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के जवाब में बीते दो अप्रैल को हलफनामा दाखिल किया था। अपने हलफनामे में बसपा चीफ ने कहा था कि मेरी मूर्तियां जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करती हैं।

मायावती ने कोर्ट में यह भी कहा था कि, मूर्तियों का निर्माण राज्य विधानसभा में पर्याप्त चर्चा के बाद बजट आवंटित करके किया गया था और विधायकों द्वारा बजट के संबंध में लिए गए निर्णयों पर सवाल उठाने का अधिकार कोर्ट को नहीं है।

मायावती ने यह भी कहा था कि मूर्तियां जनता की इच्छा और जनादेश को दर्शाती हैं। विधानसभा सदस्य चाहते थे कि कांशी राम और दलित महिला के रूप में मायावती के संघर्षों को दर्शाने के लिए मूर्तियां स्थापित की जाएं।

मायावती ने अपनी तुलना भगवान राम के अलावा देश के महान नेताओं से करते हुए हलफनामे में यह भी कहा था कि अन्य राजनीतिक पार्टियां भी राजनेताओं की मूर्तियां बनवाती हैं। यह उन राजनेताओं के प्रति चाह और समर्थन को दर्शाता है।

अभी यह पता नहीं चल सका है कि, ऑल इंडिया रैगर महासभा द्वारा मायावती के बारे में प्रस्तुत इस शिकायत के बारे में माननीय न्यायालय ने क्या निर्णय या निर्देश दिया।

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